Saturday, November 17, 2012

 आज कल चर्चा जो हो पर हकीकत है की लोग परेसान है
दिन हो या रात हर वक़्त परेशानी रहती है की हमारे आस पास क्या हो रहा है
फिर भी चर्चा करे तो लगता है की कही न कही
लोगो की संवेदनहीनता बढ़ते ही जा रहा है
कारण ठीक से पता नहीं लेकिन लगता है की
लोग इस तरह परेसान है की दुसरे से मतलब रखना ही छोड़ दिया है
अब हालत है की लोग किसी के दुःख से  मतलब नहीं रखते
...............................................................
अब मेरा मानना है की  लोग कितना दुखी हो
दुसरे के लिए भी समय निकालना चाहिए
सोच रखना चाहिए की किसी दुखी के लिए कुछ किया जाये 

Wednesday, August 29, 2012

दुनिया जिसे कहते है  वो 
सिर्फ दिखावा है 
हक़ीकत यही है की 
ये ज़िन्दगी है और सब को जी कर मर जाना है 
ये हम नही कई लोग कह गए है 
पर हम है की समझते ही नहीं है 
आह निकलती रही 
पर वो न समझे 
जिनके इंतज़ार में हम कई दिनों से है 
बैठे 
पर हकीकत है की आज हम वही है 
जो कई साल पहले जैसे थे