Saturday, October 10, 2009
आखीर इसके लिए दोष कौन
एक दैनिक की ख़बर है की नक्सल प्रभावित क्षेत्र के सरकारी विद्यालयो में सरकारी शिक्षक स्कूल नही जाते और नाक्साली उन विद्यालयों में साहित्य के जरिये नाक्सालवाद का पाठ पढ़ा रहे है तो फिर कौन दोषी है नसली ,शाशन या सभी हैरत की बात है की ऐसा कई दिनों से चल रहा है पर कोई कार्यवाई नही होती है ऐसे में हम कह सकते है की चाहे केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार चाहे कितने भी बातें हो सच्चाई है की मई अब पूछता हूँ की कैसे कहा जाए की हम इस व्यवस्था में सुरक्षित है फिलहाल बिहार के एक जिले का यही हाल है जहा किसी को ऐसी बातो पर चिंतित होते मैंने नही देखा सच यही है की खामिया के कारन ही मौका मिलता है मै उन सभी लोगो से यह सवाल करता हूँ की कब लोग सही दिसा में प्रयाश कर उन गरीबो को बचा ने का बिदा उठाएंगे जो चारो तरफ़ से लोगो को .........
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