Friday, November 13, 2009

सच

सच ही कहा गया है की इन्सान कुछ भी कर ले सचाई सामने आ ही जाते है हकीकत है की लोग बनावटी पन कर हालत मोड़ देते है पर कितने दिनों तक सचाई छिपी जा सकती है मई कहता हूँ सामने आकर सामना करना जरूरी है सच चाहे कितनी ही भी कड़वी हो सच सच है और झूठ झूठ मेरे संग अगर सच बताना हो तो मेल करे @जीमेल पर मै आप के साथ हूँ एक पत्रकार होने के नाते

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