Monday, February 8, 2010

वाह रे पत्रकारिता

अजीब हाल है नेसनल चैनल का हाल जिसके लोग अब जिलो में तैनात स्ट्रिन्गेरो से झगरे भी करवा रहे है जी हा हम बात कर रहे बाढ़ की तरह आये चेनलो का अब तो चेनलो के पास नाम भी नहीं मिल रहा है .... गौर करे एक ही तरह के कई नाम २४ तो आम सब्द बन गया है हर के साथ जुड़ा है ये ...... और तो और अब ये चेनल वाले जिलो में एक नहीं दो क्या तिन भी स्ट्रिन्गेरो को रख दिया गया है ये आपस में अक्सर भीड़ते दिखते है अभी हाल ही में बिहार के एक जिले के साइबर कैफे में देखने को जो मिला पत्रकारिता के लिए ठीक नहीं कहे जायेगा एक खबर दो दो रिपोर्टर भेज रहे और दावे करा रहे है की मै हूँ असली ... हाला की दोनों के साथ जो सच्चाई हो पर अक्सर देखा जाता है की नेशनल चेनेल वाले ऐसे ही लोगो से कम करवा लेती है और मुद्रा देने के समय पत्रकार को बदल दिए जाते है मै सभी के बारे में नहीं कह रहा हूँ ........ लेकिन कुछ तो है ही और तो और ये चेनल ऐसे भी लोगो को पत्रकार बना देते है जिन्हें इलेक्ट्रोनिक मीडिया का अ बी सी का भी पता नहीं है हैरत की बात है न ऐसे में फिल्ड में कई रिपोर्टर को काफी मुस्किलो का सामना करना पड़ता है .... अब मेरा कहना है की क्यों ऐसा हो रहा है क्या ऐसे में पत्रकरित का मूल्य कितना बचेगा ?

1 comment:

  1. baat to sahi hai magar kya karein....aaj kal aise hi kaam hota hai

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