Sunday, October 3, 2010

बदमिया देवी नाव चलाती हँ

नक्सल प्रभावित इलाके में अगर किसी महिला को नाव चला कर अपने परिवार को चलाने की बात हो तो कुछ अजीब सा लगता है लेकिन हकीकत है की एक महिला है जो ऐसा करती है उसमे हिम्मत है, साहस है एक महिला हो कर बिना किसी खौफ के वो नाव चलाती है सबसे हैरानी की बात है की जहा सरकार के लोग कभी जाने से कतराते है वह वो नाव चला कर एक मिसाल कायम कर दिया है जमुई जिले के खैरा प्रखंड घसको टार की बदमिया देवी जिसके तिन बेटा और एक बेटी है नाव चला कर अपने परिवार का पालन पोसन करती है , गडही डैम में यह महिला जो अनपढ़ है लेकिन जज्बा ऐसा है की पढ़ी लिखी महल भी कम ही होती है जो ऐसा कम कर एक मिसाल कायम करती है यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित है और जहा प्रशासन और सरकार के लोग जाने का साहस नहीं कर पाते है बदमिया देवी नाव चलाकर एक अनूठा काम किया है बदमिया देवी कहती है की ऐसा करने से उसे अच्छा लगता है क्यों की यह एक समाज सेवा है की मै किसी को मंजिल तक पहुचने में मदद करती हूँ बदमिया देवी को मलाल है की सरकार द्वारा चलाये जा रहे कोई भी योजना उसके गाँव में नहीं पंहुचा है लेकिन मै फिर भी अपने इरादे में डटी हूँ और अब यही करना है उसके अनुसार मुझे कभी कभी डर लगता है लेकिन क्या करू....

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