Tuesday, August 25, 2009
आज जो कुछ भी हुआ वो पत्रकारिता का अपमान है , राज्य के मंत्री ने पत्रकारों को बहार जाने को कहा , सुखाड़ को लेकर बैठक और मीडिया को भाग लेने से मनाही भला कैसी पारदर्शिता क्यों पि आर डी ने पत्रकारों को बुलाया था , क्या सूबे के मुख्यमंत्री की यही सकारात्मक सोच का नतीजा है सच में आज पत्रकार मर्माहत है क्या इसी के लिए लोग आपमान सहेंगे हैरत की बात है की मंत्री भी उसी बिभाग के है जहा पत्रकारों से सीधा संपर्क है यानि सुचना प्रसारण मंत्री , लोगो के मन में यह सवाल है की क्या पत्रकार की यही सम्मान देने का वडा है , सच में ठीक ही कहा गया है लेखनी के सिपाही सिर्फ़ अपमान के घूंट पी रहे है चाहे सरकार किसी की रहे जी हा हम बात कर रहे है बिहार के जमुई जिले की सम्हार्नाल्या में बैठक की जहा बैठे पत्रकारों को उठा दिया गया .......................................................कैसे होगी सम्मान की रक्षा , लेखनी को कैसे दे मजबूती
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