jo mai apne aas pas mahsoos karta hoo aur jo sach hai
Friday, August 21, 2009
illegal
यहाँ लोग चाहते है की भ्रस्ताचार के खिलाफ जगह पेपर वाले लोग देकर उनकी आवाज बने लेकिन हैरत की बात है की लेखनी कुंद हो गई हैक्यों क्यों आखिर कौन जिम्मेदार है शायद हम सभी
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